Sunday, November 23, 2008

श्रीगुरु - प्रणाम :

ॐ अज्ञान तिमिरान्धस्य ज्ञानाञ्जन शलाकया

चक्षुरुन्मीलितं येन तस्मै श्री गुरुवे नमा:

Sunday, November 16, 2008

साक्षाद्धरित्वेन समस्तशास्त्रै रुक्तस्तथा भाव्यत एव सध्भि

किन्तु प्रभोर्य: प्रिय एव तस्य वन्दे गुरो: श्रीचरणारविन्दम

Thursday, September 25, 2008

श्री राधारानी श्री कृष्ण http://www.myjavaserver.com/~topcoder/orkutScrapping.html

Monday, September 8, 2008

श्रीगौर - गीति

मधुकर - रञ्जित - मालति - मण्डित - जितघन कुञ्चित केशम

तिलक - विनिन्दित - शशधर - रूपक - भुवन - मनोहर - वेशम १

सखे , कलय गौरमुदारम

निन्दित - हाटक - कान्ति कलेवर गर्वित मारकमारम २

मधु - मधुरस्मित- लोभित तनु भृतमनुपम - भाव- विलासम

निधुवन नागरी मोहित -मानस -विकथित- गदगद भाषम ३

परमाकिञ्चन- किञ्चन - नरगण- करुणा- वितरणशीलम

क्षोभित - दुर्मति - राधामोहन - नामक - निरूपम - लीलम ४

<श्रीपञ्चतत्त्व - प्रणाम :>
पञ्चतत्त्वात्मकं कृष्णं भक्तरुपस्वरुपकम
भक्तावतारं भक्ताख्यं नमामि भक्तशक्तिकम
श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द
श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्तवृन्द

<महामन्त्र >
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

Friday, September 5, 2008

आतप - रहित सूरज नाहि जानि , राधा -विरहित माधव नाहि मानि

कोथाय गो प्रेममयी राधे राधे ?

राधे ,राधे, राधे, राधे

वृन्दावन विलासिनी , राधे, राधे

वृषभानु नन्दिनी, राधे, राधे

ोविन्दा नन्दिनी, राधे, राधे

कानुमन मोहिनी, राधे, राधे

अष्ट सखीर शिरोमणि, राधे, राधे

परम करूणामयी, राधे, राधे

प्रेम भक्ति प्रदायिनी, राधे, राधे

ऐ बार मोरे दया करो, राधे, राधे

अपराध क्षमा करो, राधे राधे

सेवा अधिकार दियो, राधे राधे

तोमार कंगाल तोमाय डाके, राधे राधे

राधा - भजने यदि मति नाहि भेला , कृष्ण भजन तब अकारण गेला

Thursday, September 4, 2008

वाग्युद्ध - केलि- कुतुके व्रजराज - सूनुं
जित्वोन्मदामधिकदर्प- विकसि- जल्पाम्
फुल्लाभिरालिभिरनल्पमुदीर्यमाण-
स्तोत्रां कदा नु भवतीमवलोकयिष्ये ? ८

कदा करिष्यसीह मां कृपा कटाक्षभाजनम्


Thursday, August 14, 2008