Friday, September 5, 2008

आतप - रहित सूरज नाहि जानि , राधा -विरहित माधव नाहि मानि

कोथाय गो प्रेममयी राधे राधे ?

राधे ,राधे, राधे, राधे

वृन्दावन विलासिनी , राधे, राधे

वृषभानु नन्दिनी, राधे, राधे

ोविन्दा नन्दिनी, राधे, राधे

कानुमन मोहिनी, राधे, राधे

अष्ट सखीर शिरोमणि, राधे, राधे

परम करूणामयी, राधे, राधे

प्रेम भक्ति प्रदायिनी, राधे, राधे

ऐ बार मोरे दया करो, राधे, राधे

अपराध क्षमा करो, राधे राधे

सेवा अधिकार दियो, राधे राधे

तोमार कंगाल तोमाय डाके, राधे राधे

राधा - भजने यदि मति नाहि भेला , कृष्ण भजन तब अकारण गेला

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