आतप - रहित सूरज नाहि जानि , राधा -विरहित माधव नाहि मानि
कोथाय गो प्रेममयी राधे राधे ?
राधे ,राधे, राधे, राधे
वृन्दावन विलासिनी , राधे, राधे
वृषभानु नन्दिनी, राधे, राधे
गोविन्दा नन्दिनी, राधे, राधे
कानुमन मोहिनी, राधे, राधे
अष्ट सखीर शिरोमणि, राधे, राधे
परम करूणामयी, राधे, राधे
प्रेम भक्ति प्रदायिनी, राधे, राधे
ऐ बार मोरे दया करो, राधे, राधे
अपराध क्षमा करो, राधे राधे
सेवा अधिकार दियो, राधे राधे
तोमार कंगाल तोमाय डाके, राधे राधे
राधा - भजने यदि मति नाहि भेला , कृष्ण भजन तब अकारण गेला
No comments:
Post a Comment