Monday, September 8, 2008

श्रीगौर - गीति

मधुकर - रञ्जित - मालति - मण्डित - जितघन कुञ्चित केशम

तिलक - विनिन्दित - शशधर - रूपक - भुवन - मनोहर - वेशम १

सखे , कलय गौरमुदारम

निन्दित - हाटक - कान्ति कलेवर गर्वित मारकमारम २

मधु - मधुरस्मित- लोभित तनु भृतमनुपम - भाव- विलासम

निधुवन नागरी मोहित -मानस -विकथित- गदगद भाषम ३

परमाकिञ्चन- किञ्चन - नरगण- करुणा- वितरणशीलम

क्षोभित - दुर्मति - राधामोहन - नामक - निरूपम - लीलम ४

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