श्रीगौर - गीति
मधुकर - रञ्जित - मालति - मण्डित - जितघन कुञ्चित केशम
तिलक - विनिन्दित - शशधर - रूपक - भुवन - मनोहर - वेशम १
सखे , कलय गौरमुदारम
निन्दित - हाटक - कान्ति कलेवर गर्वित मारकमारम २
मधु - मधुरस्मित- लोभित तनु भृतमनुपम - भाव- विलासम
निधुवन नागरी मोहित -मानस -विकथित- गदगद भाषम ३
परमाकिञ्चन- किञ्चन - नरगण- करुणा- वितरणशीलम
क्षोभित - दुर्मति - राधामोहन - नामक - निरूपम - लीलम ४
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