Monday, September 8, 2008

<श्रीपञ्चतत्त्व - प्रणाम :>
पञ्चतत्त्वात्मकं कृष्णं भक्तरुपस्वरुपकम
भक्तावतारं भक्ताख्यं नमामि भक्तशक्तिकम
श्री कृष्ण चैतन्य प्रभु नित्यानन्द
श्री अद्वैत गदाधर श्रीवासादि गौर भक्तवृन्द

<महामन्त्र >
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे

No comments: