श्री राधारानी श्री कृष्ण http://www.myjavaserver.com/~topcoder/orkutScrapping.html
श्रीगौर - गीति
मधुकर - रञ्जित - मालति - मण्डित - जितघन कुञ्चित केशम
तिलक - विनिन्दित - शशधर - रूपक - भुवन - मनोहर - वेशम १
सखे , कलय गौरमुदारम
निन्दित - हाटक - कान्ति कलेवर गर्वित मारकमारम २
मधु - मधुरस्मित- लोभित तनु भृतमनुपम - भाव- विलासम
निधुवन नागरी मोहित -मानस -विकथित- गदगद भाषम ३
परमाकिञ्चन- किञ्चन - नरगण- करुणा- वितरणशीलम
क्षोभित - दुर्मति - राधामोहन - नामक - निरूपम - लीलम ४
आतप - रहित सूरज नाहि जानि , राधा -विरहित माधव नाहि मानि
कोथाय गो प्रेममयी राधे राधे ?
राधे ,राधे, राधे, राधे
वृन्दावन विलासिनी , राधे, राधे
वृषभानु नन्दिनी, राधे, राधे
गोविन्दा नन्दिनी, राधे, राधे
कानुमन मोहिनी, राधे, राधे
अष्ट सखीर शिरोमणि, राधे, राधे
परम करूणामयी, राधे, राधे
प्रेम भक्ति प्रदायिनी, राधे, राधे
ऐ बार मोरे दया करो, राधे, राधे
अपराध क्षमा करो, राधे राधे
सेवा अधिकार दियो, राधे राधे
तोमार कंगाल तोमाय डाके, राधे राधे
राधा - भजने यदि मति नाहि भेला , कृष्ण भजन तब अकारण गेला